ब्रह्मपुर (बक्सर): बिहार के प्रसिद्ध ऐतिहासिक फाल्गुनी मेले के अवसर पर आयोजित पारंपरिक घुड़दौड़ प्रतियोगिता ने एक बार फिर क्षेत्र के खेल प्रेमियों में उत्साह भर दिया। बक्सर जिले के ब्रह्मपुर स्थित खेल मैदान में आयोजित इस भव्य स्पर्धा में विभिन्न जिलों से आए चुनिंदा घोड़ों और घुड़सवारों ने अपनी रफ्तार और कौशल का प्रदर्शन किया। इस साल की सबसे रोमांचक रेस में ‘बाबर’ नाम के घोड़े ने अपनी अदम्य शक्ति और तेज गति के दम पर प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और ‘मैदान का राजा’ बनने का गौरव हासिल किया।
प्रतियोगिता के दौरान मैदान दर्शकों की भारी भीड़ से खचाखच भरा रहा। जैसे ही दौड़ शुरू हुई, धूल के गुबार के बीच घोड़ों की टापों ने रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया। स्थानीय जानकारों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंतिम राउंड में मुकाबला बेहद कड़ा था, लेकिन ‘बाबर’ की फिनिशिंग इतनी सटीक रही कि निर्णायक मंडल ने उसे निर्विवाद विजेता घोषित किया। आयोजन समिति ने विजेता घोड़ों के मालिकों और घुड़सवारों को ट्राफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
उल्लेखनीय है कि ब्रह्मपुर का फाल्गुनी मेला सदियों से पशु व्यापार और ग्रामीण खेलों का केंद्र रहा है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि लुप्त होती घुड़सवारी की परंपरा को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और मेला कमेटी द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी प्रतियोगिता शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।













