बक्सर/चौगाईं: पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को पाटने के उद्देश्य से गुरुवार को मुरार थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान बक्सर पुलिस अधीक्षक (एसपी) शुभम आर्य ने स्वयं फरियादियों की समस्याएं सुनीं। पुलिस अधीक्षक का रुख विशेष रूप से भूमि विवाद, मारपीट और पारिवारिक कलह जैसे मामलों को लेकर काफी सख्त दिखाई दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और एक निश्चित समय सीमा के भीतर इनका निष्पादन सुनिश्चित करना होगा।
जनता दरबार में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लगभग आधा दर्जन ग्रामीणों ने अपनी लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें से अधिकांश मामले संपत्ति विवाद और आपसी रंजिश से संबंधित थे। एसपी शुभम आर्य ने मौके पर मौजूद थाना स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि छोटे विवादों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएं, क्योंकि देरी होने पर यही मामले भविष्य में बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या का रूप ले लेते हैं। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को चेतावनी दी कि थाने आने वाले हर पीड़ित के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो और शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट वरीय कार्यालय को भेजी जाए।
अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुधार पर चर्चा करते हुए एसपी ने ‘नशा मुक्त समाज’ के लिए जन आंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे नशे के कारोबार और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुरार थानाध्यक्ष नेहा कुमारी, ब्लॉक प्रमुख ऋषिकांत सिंह, मुखिया वीर सिंह, श्रवण कुमार और समाजसेवी पिंटू सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस पहल को पुलिस और जनता के बीच विश्वास बहाली के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।













