बक्सर। बिहार के बक्सर जिले की एक स्थानीय अदालत ने अवैध हथियार रखने के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अनुमंडलीय न्यायिक पदाधिकारी रंजना दुबे की अदालत ने सोमवार को आर्म्स एक्ट के एक पुराने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी जीतू चौधरी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब सात साल पुराना है। अभियोजन पदाधिकारी राकेश कुमार राय और सोमेश मिश्रा ने अदालत को बताया कि 17 जुलाई 2019 को मुफस्सिल थाना पुलिस कमरिया के समीप सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने जीतू चौधरी (पिता जंगबहादुर चौधरी) की तलाशी ली, जिसके पास से एक अवैध देशी कट्टा और कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस ने तत्कालीन कार्रवाई के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर जीतू चौधरी को आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। अदालत ने दो अलग-अलग धाराओं में तीन-तीन वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये (कुल 20 हजार) जुर्माने की सजा मुकर्रर की है। आदेश के मुताबिक, दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे एक माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
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