डुमरांव में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल के तहत बुनियाद केंद्र में निशुल्क नेत्र जांच शिविर की शुरुआत कर दी गई है। यह शिविर 23 मार्च से जारी है और आगामी एक माह तक लगातार संचालित होगा। खास बात यह है कि इस शिविर में आंखों की जांच के लिए किसी भी उम्र का प्रतिबंध नहीं रखा गया है। बच्चे, युवा, महिलाएं, वृद्ध।सभी वर्ग के लोग यहां आकर अपनी आंखों की निःशुल्क जांच करवा सकते हैं और आवश्यकता अनुसार मुफ्त चश्मा भी प्राप्त कर सकते हैं। बुनियाद केंद्र के प्रबंधक डॉ. कश्मीरी चौधरी और फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. विकास कुमार ने बताया कि शिविर को सफल और प्रभावी बनाने के लिए जिले के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम तैनात की गई है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही जांच
बुनियाद केंद्र में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन कुमार और विजन सेंटर के जिला संयोजक संदीप कुमार के नेतृत्व में शिविर का संचालन किया जा रहा है। प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं और उन्हें तत्काल आवश्यक परामर्श तथा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।।इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसे सप्ताह के सातों दिन खुला रखने का निर्णय लिया गया है। रविवार को भी शिविर सामान्य दिनों की तरह चलेगा और मरीज अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी दिन पहुंच सकते हैं। रामनवमी जैसे त्योहार पर भी शिविर सामान्य रूप से संचालित हुआ, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने इसका लाभ लिया। केंद्र प्रबंधक के अनुसार, अगले पूरे महीने तक यह शिविर बिना किसी अवकाश के जारी रहेगा।
डुमरांव में नेत्र चिकित्सक की कमी से राहत
मोतियाबिंद सहित अन्य रोगों के मरीजों को हायर सेंटर भेजने की व्यवस्था
नेत्र जांच के दौरान जिन लोगों में मोतियाबिंद या अन्य गंभीर नेत्र रोगों की संभावना पाई जाती है, उन्हें तत्काल हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है, ताकि वे समय पर बेहतर इलाज पा सकें। इस व्यवस्था से ग्रामीण और कमजोर वर्ग के मरीजों को विशेष राहत मिल रही है, क्योंकि निजी अस्पतालों में जाने की मजबूरी अक्सर आर्थिक बोझ बढ़ा देती है। गौरतलब है कि डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में लंबे समय से आंख के डॉक्टर की कमी बनी हुई है। अस्पताल में नेत्र सेवाएं लगभग ठप रहने से मरीजों को मजबूरन निजी क्लिनिक और अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में बुनियाद केंद्र पर चल रहा मुफ्त नेत्र जांच शिविर स्थानीय लोगों के लिए राहत लेकर आया है। कम आय वाले परिवारों को इससे काफी मदद मिल रही है, क्योंकि वे बिना किसी खर्च के विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच और चश्मा प्राप्त कर पा रहे हैं।

स्थानीय लोग कर रहे पहल की सराहना
शिविर में पहुंचने वाले लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम डुमरांव में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी कमी को पूरा कर रहा है। कई लोगों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे जांच करवाने में सक्षम नहीं थे, लेकिन इस शिविर ने उनकी समस्या दूर कर दी। वृद्धजन और स्कूली बच्चों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है। बुनियाद केंद्र प्रबंधक, फिजियोथैरेपिस्ट और शिविर आयोजकों का कहना है कि जैसे-जैसे शिविर की जानकारी गांवों और आसपास के क्षेत्रों में फैलेगी, लोगों की संख्या और बढ़ सकती है। इसके लिए अतिरिक्त प्रबंधन की भी तैयारी की जा रही है, ताकि आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। यह मुफ्त नेत्र जांच शिविर न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रसार कर रहा है, बल्कि उन हजारों लोगों तक राहत पहुंचा रहा है जिन्हें अब तक उचित नेत्र सेवाएं सुविधाजनक स्तर पर उपलब्ध नहीं थीं।












