शाहाबाद (बक्सर): शहर के स्टेशन रोड स्थित गजाधरगंज में चल रहे नव दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के अंतर्गत सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा के इस विशेष दिन, मुख्य कथा वाचक व्यास रामानुज त्यागी जी महाराज ने शिव-पार्वती विवाह के पावन प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया।
अपनी ओजस्वी वाणी में रामानुज त्यागी जी ने बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह केवल एक पौराणिक कथा नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा और विश्वास के अटूट और दिव्य मिलन का प्रतीक है। उन्होंने माता पार्वती की कठोर तपस्या और समर्पण पर विशेष बल देते हुए कहा कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि निश्छल भक्ति और दृढ़ संकल्प से ईश्वर को भी प्राप्त किया जा सकता है।
कथा के दौरान भगवान शिव की अनोखी बारात, उनके विरक्त रूप और माता पार्वती के अटल विश्वास का सजीव चित्रण सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। कथा के उपरांत भव्य आरती और प्रसाद वितरण के साथ दिन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजकों ने व्यापक प्रबंध किए हैं, और आगामी दिनों में भी श्रीमद्भागवत के अन्य ज्ञानवर्धक प्रसंगों का वर्णन जारी रहेगा।
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