डुमरांव (बक्सर)। केंद्र की वर्तमान सत्ताधारी दल की आर्थिक और कृषि नीतियां देश के किसानों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं। यह तीखा हमला महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य और कांग्रेस नेता राजेश राठौड़ ने शनिवार को डुमरांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया।
राजेश राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका के साथ हाल में हुए अनुबंधों का सीधा नकारात्मक असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा। उनके अनुसार, इन अंतरराष्ट्रीय करारों का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर कर बड़े कॉर्पोरेट घरानों का मार्ग प्रशस्त करना है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि ऐसी ही नीतियां जारी रहीं, तो देश का स्वाभिमानी किसान अपने ही खेतों में महज एक मजदूर बनकर रह जाएगा, जबकि संसाधनों पर बड़े पूंजीपतियों का कब्जा होगा।
संगठन की मजबूती पर बल देते हुए राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ‘संगठन सृजन अभियान’ के माध्यम से गांव, वार्ड और बूथ स्तर तक जनता से सीधा संवाद स्थापित कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में कांग्रेस अपने पुराने गौरवशाली इतिहास को दोहराने की दिशा में अग्रसर है और आने वाले समय में एक सशक्त विकल्प के रूप में राज्य की सत्ता में वापसी करेगी।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम में मौजूद संजय कुमार दूबे, बीरेंद्र राम, और प्रखंड अध्यक्ष अजय कुमार यादव सहित अन्य नेताओं ने जनहित के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने और जमीनी स्तर पर पार्टी को सक्रिय करने का संकल्प लिया।












