नगर परिषदों की सशक्त स्थायी समिति के गठन में ऐतिहासिक बदलाव, अब गुप्त मतदान से होगा चुनाव

बिहार सरकार ने नगर परिषदों की सशक्त स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी परिवर्तन किया है। राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी एक हालिया अधिसूचना के अनुसार, समिति के सदस्यों का मनोनयन अब संभव नहीं होगा, और इसके बजाय, वे निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से चुने जाएंगे।

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नई व्यवस्था के तहत, 15 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 के बीच जिला पदाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) की प्रत्यक्ष निगरानी में गुप्त मतदान के जरिए समिति के सदस्यों का निर्वाचन कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए मतदान के नियम भी निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक रिक्त पद के लिए अलग-अलग मतदान होगा और मतपेटिकाओं को क्रम संख्या दी जाएगी। कोई भी वार्ड पार्षद केवल एक ही पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकेगा, लेकिन उन्हें सभी पदों के लिए मतदान करने का अधिकार होगा। मतदान की प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शुरू होगी और बिना किसी अवकाश के निरंतर जारी रहेगी। मतदान के तुरंत बाद, मतों की गिनती की जाएगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

इस परिवर्तन का उद्देश्य समिति के गठन में पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। पहले, सभापति द्वारा समिति के सदस्यों का मनोनयन होता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के हाथ में होगी। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही नई समिति शपथ ग्रहण करेगी, पुरानी समिति स्वतः भंग मान ली जाएगी।

यह बदलाव डुमरांव नगर परिषद जैसे मामलों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है, जहां पिछले सात महीनों से सशक्त स्थायी समिति भंग पड़ी हुई है। डुमरांव नगर परिषद की प्रधान सहायक दुर्गेश सिंह के अनुसार, विभाग से नई गाइडलाइन प्राप्त हो चुकी है और अब चयन प्रक्रिया इसी नई व्यवस्था के अनुसार संपन्न होगी। पूर्व में मनोनयन को लेकर हुए विवादों और नए नामों को लेकर विभाग से मांगे गए मार्गदर्शन के बीच, अब यह स्पष्ट हो गया है कि भविष्य के सभी गठन निर्वाचन के माध्यम से ही होंगे।

इस ऐतिहासिक बदलाव से नगर निकायों में राजनीतिक गतिशीलता के बदलने और अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

Tags: #नगरपरिषद #सशक्तस्थायीसमिति #बिहारसरकार #गुप्तमतदान #लोकतांत्रिकप्रक्रिया #पारदर्शिता #जवाबदेही #नगरनिकायचुनाव

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