पटना/सासाराम (03 मार्च, 2026): भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में अपने सामाजिक समीकरणों को मजबूत करते हुए शाहाबाद क्षेत्र के कद्दावर नेता शिवेश कुमार राम को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है। मंगलवार को पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक सूची में शिवेश राम के नाम पर मुहर लगा दी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुनि लाल के पुत्र शिवेश राम को उच्च सदन भेजकर भाजपा ने दलित कार्ड खेला है, जिसे आगामी राजनीतिक परिदृश्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मूल रूप से भोजपुर जिले के निवासी शिवेश राम का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2010 में उन्होंने अगिआंव विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी, हालांकि 2015 के चुनाव में उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही और वे प्रदेश महामंत्री जैसे अहम पदों पर रहे। हालिया 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने सासाराम संसदीय क्षेत्र से तत्कालीन सांसद छेदी पासवान का टिकट काटकर शिवेश पर दांव लगाया था, लेकिन वे कांग्रेस प्रत्याशी से लगभग 19 हजार मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिवेश राम को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने शाहाबाद के दलित मतदाताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है। उनके पिता मुनि लाल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रह चुके हैं और क्षेत्र के बड़े दलित नेताओं में गिने जाते थे। भाजपा ने शिवेश के साथ-साथ नितिन नवीन और एनडीए सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा को भी मैदान में उतारा है।
बिहार की 5 रिक्त सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है। वर्तमान संख्या बल के आधार पर एनडीए की चार सीटों पर जीत सुनिश्चित मानी जा रही है, जबकि पांचवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन की ओर से भी प्रत्याशी उतारे जाने की संभावना है, जिससे 16 मार्च को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग के कयास लगाए जा रहे हैं।












