सिमरी (बक्सर): गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से बक्सर जिले के तटीय इलाकों में एक बार फिर संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दियारा क्षेत्र में बसे दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा गहराई से मंडराने लगा है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सिमरी प्रखंड अंतर्गत श्रीकांत डेरा जाने वाले संपर्क मार्ग के अलावा गंगोली से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली मुख्य सड़क दूसरी बार बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब गई है।
सड़कों पर पानी के तेज बहाव और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सोमवार से इन मार्गों पर वाहनों एवं लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मैदानी रास्तों से होकर बाढ़ का पानी अब तेजी से रिहाइशी इलाकों की ओर रुख कर रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी गति से बढ़ोतरी जारी रही, तो आधा दर्जन से अधिक गांव पूरी तरह जलमग्न हो जाएंगे। वर्तमान में गुरुदेव नगर स्थित नए मठ की सड़क पर पानी चढ़ चुका है और बाढ़ का पानी केशोपुर तटबंध से टकराते हुए फुलीमिश्रा गांव के रास्ते बड़कागांव की ओर बढ़ रहा है।

ग्रामीणों में भय और संभावित समस्याएं बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए तटीय ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जलजमाव के दौरान बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। इसके साथ ही पानी भरने से जहरीले जीव-जंतुओं और जंगली जानवरों का भय भी बना रहता है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जल्द ही कई अन्य संपर्क मार्ग बंद हो जाएंगे, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप होने की आशंका है।
प्रशासनिक मुस्तैदी मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी भगवती शरण पांडेय ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने और राहत कार्य संचालित करने के लिए प्रशासनिक टीम पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।










