बक्सर जिले के नया भोजपुर में गैरकानूनी रूप से संचालित हो रही आरा मिलों पर प्रशासन का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले सप्ताह चलाए गए विशेष अभियान के बाद, शनिवार को वन प्रमंडल अधिकारी (डीएफओ) प्रदुमन गौरव ने जमीनी स्तर पर पहुंचकर स्वयं स्थिति का आकलन किया। अधिकारियों ने छापेमारी से प्रभावित सभी पांचों स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद लकड़ियों को तुरंत कब्जे में लेने का फरमान जारी कर दिया।
निर्देश मिलते ही वन महकमे की टीम सक्रिय हो गई और दोपहर से लेकर देर शाम तक जब्ती का कार्य चला, जिससे अवैध लकड़ी कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। ज्ञात हो कि पूर्व में हुई कार्रवाई के दौरान संचालकों द्वारा उपकरण हटा दिए जाने के बावजूद मौके से भारी मशीनरी के अवशेष, डीजल इंजन और लट्ठे बरामद हुए थे, जिससे वहां लंबे समय से चल रही गैरकानूनी गतिविधियों के पुख्ता प्रमाण मिले थे।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने विभागीय सूचना प्रणाली की निष्पक्षता पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। छापेमारी की पूर्व भनक संचालकों तक कैसे पहुंची और मुख्य बाजार के पास स्थित एक अन्य चर्चित परिसर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। फिलहाल, करीब दो वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुई इस कठोर पहल के बाद क्षेत्र के नागरिक यह देखने को उत्सुक हैं कि प्रशासन इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ आगे क्या स्थायी कदम उठाता है।
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