शाहबाद बुलेटिन (भोजपुर /बक्सर), 27 जून 2026: बक्सर जिले के ग्रामीण इलाके से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ अचानक भड़की भीषण आग ने एक गरीब परिवार की खुशियों और आजीविका को पल भर में राख के ढेर में तब्दील कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में घर के बाहर और झोपड़ी में बंधे छह दुधारू मवेशियों की झुलसकर मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।प्राथमिक जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय जब परिवार के अधिकांश सदस्य खेतों में काम करने गए थे, तभी अचानक मवेशियों के तबेले (शेड) से धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हवा की तेज रफ्तार के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि मवेशियों को खूंटे से खोलने या उन्हें बाहर निकालने का न्यूनतम समय भी नहीं मिल सका। बेबस जानवर आग की लपटों के बीच तड़पते रहे और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।आग की भयावहता को देखकर आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में बाल्टियों में पानी और बालू लेकर मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत और घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग को बगल के अन्य रिहायशी मकानों में फैलने से रोका जा सका। हालांकि, तब तक पशुपालक का सब कुछ जलकर खाक हो चुका था। इस अगलगी में न केवल कीमती मवेशियों की जान गई, बल्कि शेड में रखा भारी मात्रा में भूसा, पशु आहार और अन्य घरेलू सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गया।
स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने इस घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन और अंचल अधिकारी (CO) को दी। पीड़ित पशुपालक के लिए ये मवेशी ही आय का एकमात्र जरिया थे, जिनसे होने वाली दूध की बिक्री से उनके पूरे परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई चलती थी। इस हादसे ने परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। प्रभावित परिवार और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब घटनास्थल का मुआयना करने और आपदा प्रबंधन कोष से उचित सरकारी मुआवजा व आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की पुरजोर गुहार लगाई है।






