सिमरी (बक्सर):
सरकारी स्तर पर आम जनमानस और राहगीरों को किफायती दर पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मंशा पर लापरवाही भारी पड़ रही है। प्रखंड की पड़री पंचायत अंतर्गत आशा पड़री चौक पर स्थापित वाटर एटीएम लगाने के महज तीन महीने बाद से ही पूरी तरह से सफेद हाथी साबित हो रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित होने के कारण यात्रियों, स्कूली बच्चों और स्थानीय दुकानदारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
प्राथमिक जानकारी और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस वाटर एटीएम को चालू रखने के लिए खुद की बोरिंग कराने के बजाय जलशोध संस्थान से जोड़ा गया था। वर्तमान में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण महीनों से वाटर लाइन की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है, जिसके चलते एटीएम की मुख्य टंकी में पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण लाखों रुपये की लागत से बनी यह संयंत्र प्रणाली पूरी तरह से निष्प्रयोज्य पड़ी है।
महंगे दाम पर पानी खरीदने को मजबूर लोग वाटर एटीएम बंद होने से परेशान राहगीरों को मजबूरन निजी दुकानों से महंगी दरों पर मिनरल वॉटर की बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में जहां एक रुपये में पीने का शुद्ध जल तथा पांच रुपये में 20 लीटर पानी उपलब्ध हो जाता था, वहीं अब लोगों को 20 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। सुविधा के अभाव में गरीब एवं रोजाना यात्रा करने वाले लोग दूषित पानी पीने को भी मजबूर हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधि का पक्ष मामले को लेकर पड़री पंचायत के मुखिया दीपनारायण सिंह ने बताया कि वाटर एटीएम की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए संबंधित मिस्त्री को सूचित कर दिया गया है और इसे शीघ्र ही चालू करवा दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एटीएम मशीन में कंकड़-पत्थर डालकर उसे जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया जा रहा है।







