बक्सर जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में सोमवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के विकास कार्यों, कृषि संबंधी चुनौतियों और आगामी मौसम से जुड़ी तैयारियों का गहन विश्लेषण किया गया। जिलाधिकारी ने पराली प्रबंधन, शिक्षा विभाग के लंबित मामलों और आपदा प्रबंधन को लेकर संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खेतों में पराली (फसल अवशेष) जलाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि कटनी के लिए तैयार फसलों वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर किसानों को जागरूक किया जाए। साथ ही, बक्सर और डुमरांव के अनुमंडल पदाधिकारियों को हार्वेस्टर मालिकों एवं कृषि समन्वयकों के साथ बैठक कर इस कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षा और आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिले के 23 भूमिहीन विद्यालयों के लिए तत्काल जमीन उपलब्ध कराने हेतु अंचलाधिकारी और भूमि सुधार उप समाहर्ता को आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, नगर निकायों को वेडिंग और पार्किंग जोन के साथ-साथ लैंडफिल साइट के लिए भूमि चिन्हित करने का प्रस्ताव देने को कहा गया। बढ़ती गर्मी और अगलगी की घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन को ‘हीट वेव’ से निपटने की पूर्ण तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री जनता दरबार और सीपी ग्राम से जुड़े लंबित मामलों का एक सप्ताह के भीतर निष्पादन करने पर विशेष जोर दिया गया।
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