जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिवक्ताओं के साथ की समीक्षा बैठक, 3000 मामलों के निष्पादन का रखा गया लक्ष्य
शाहाबाद बुलेटिन (बक्सर) बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार आगामी 09 मई को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित विधिक सेवा सदन में इस वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से संपन्न होगा। लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने को लेकर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष उत्पाद, कोर्ट 02 सोने लाल रजक की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवर न्यायाधीश-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नेहा दयाल ने न्यायालय परिसर में कार्यरत अधिवक्ताओं के साथ तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंक ऋण, बिजली विभाग, माप-तौल एवं आपराधिक मामलों सहित विभिन्न लंबित वादों का सुलह-समझौते के आधार पर अधिकाधिक निष्पादन सुनिश्चित करना रहा। इस अवसर पर नेहा दयाल ने बताया कि इस बार लगभग तीन हजार मामलों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे लंबित ऋण वादों में पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवाद समाधान के लिए प्रेरित करें, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके। न्यायालय द्वारा सुलह योग्य वादों की सूची तैयार कर ली गई है और संबंधित पक्षकारों को न्यायालय में उपस्थित होकर मामलों के समाधान हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। नेहा दयाल ने लोक अदालत की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि यहां बिना किसी अदालती शुल्क और बिना वकील के आपसी सहमति से मामलों का अंतिम निपटारा किया जाता है। लोक अदालत के निर्णय को विधिक मान्यता प्राप्त होती है और यह अंतिम होता है। उन्होंने विशेष रूप से बैंकों में लंबित सर्टिफिकेट केस एवं बिजली विभाग से जुड़े मामलों के पक्षकारों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने पुराने विवादों का स्थायी समाधान कराएं। बैठक में जिला बार संघ, व्यवहार न्यायालय के सचिव बिदेस्वरी प्रसाद पांडेय, अधिवक्ता राहुल आनंद, सरोज उपाध्याय, टुनटुन मिश्रा,राघव पांडेय सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।










