सिमरी, एक संवाददाता। स्थानीय प्रखंड के नियाजीपुर पंचायत के गर्जन पाठक के डेरा गांव स्थित मुख्य सड़क से आधी आबादी को जोड़ने वाली रास्ता अतिक्रमण कि शिकार होकर रह गई है। जिसके चलते ग्रामीणों को आवागमन के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि मुख्य रास्ते से अतिक्रमण हटाने को लेकर ग्रामीण पंचायत के मुखिया व सरपंच तक गुहार लगा चुके है। बावजूद अतिक्रमणकारी रास्ते से अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं हो रहे है। ऐसे में गांव कि आधी आबादी के सामने आवागमन कि विकट समस्या उत्पन्न हो चुकी है। लोग मजबूरी वश खेत के पगडंडियों से होकर आने जाने को विवश हो चुके है। रास्ते से अतिक्रमण हटाने को लेकर ग्रामीण अब अंचल कार्यालय कि दरवाजा खटखटाई है। ताकि गांव में आवागमन कि समस्या दूर हो सके। मामले में ग्रामीण श्री भगवान यादव का कहना हैं कि वर्षो से इसी रास्ते से ग्रामीणों का आवागमन होता था। लेकिन विगत कुछ सालों से आस पड़ोस के लोग रास्ते पर धीरे धीरे अतिक्रमण का दायरे बढ़ाते गये। लिहाजा यह रास्ते पांच सालों से पूर्णतः बंद हो चुका है। जबकि इस रास्ते को बनाने में सरकार कि ओर लाखों रुपये खर्च किये गये है। ग्रामीण बताते हैं कि रास्ते के अभाव में गांव से शव निकालने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इस समस्या को लेकर ग्रामीण पंचायत के मुखिया से लेकर सरपंच तक गुहार लगा चुके है। बावजूद अतिक्रमणकारी अतिक्रमण हटाने को तैयार नहीं है।
क्या कहते हैं सीओः मामले में सीओ भगवती शरण पाण्डेय का कहना हैं कि मुख्य रास्ते से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया जा चुका है।





