- धीमी रफ्तार पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी,लगाए जाएंगे जिओ बैग
सिमरी (शाहाबाद बुलेटिन) सिमरी प्रखंड के फूलीमिश्र डेरा गांव के सामने गंगा नदी में लगातार हो रहे कटाव को रोकने के लिए आखिरकार कटाव निरोधी कार्य शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से ग्रामीणों और किसानों द्वारा उठाई जा रही मांग के बाद विभागीय स्तर पर पहल शुरू होने से इलाके के लोगों को कुछ राहत की उम्मीद जगी है। फिलहाल कार्य एजेंसी द्वारा कटाव प्रभावित इलाके की जमीन का समतलीकरण कराया जा रहा है। इसके बाद जिओ बैग में उजला बालू भरकर उसे कटाव स्थल पर व्यवस्थित ढंग से लगाया जाएगा, ताकि गंगा की तेज धारा से हो रहे भूमि कटाव पर नियंत्रण पाया जा सके। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्य की गति काफी धीमी है।
ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते तेजी से कार्य पूरा नहीं किया गया तो मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव और अधिक भयावह रूप ले सकता है। ग्रामीण संतोष मिश्रा, अश्वनी मिश्रा, समेत अन्य लोगों ने बताया कि उमरपुर से लेकर केशोपुर तक गंगा किनारे कई स्थानों पर कटाव जारी है।
कई जगहों पर स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कटाव स्थल से बक्सर-कोईलवर तटबंध की दूरी महज 50 मीटर के आसपास बची हुई है। इससे तटबंध की सुरक्षा को लेकर भी खतरा गहरा गया है। बताते चलें कि गंगा में जारी कटाव के कारण हर वर्ष किसानों की रैयती एवं उपजाऊ जमीन नदी में समाहित होती जा रही है। जिससे खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कटाव निरोधी कार्य पूरा होने से न सिर्फ तटबंध सुरक्षित होगा, बल्कि किसानों की जमीन और गांवों को भी संभावित खतरे से बचाया जा सकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुणवत्तापूर्ण एवं युद्धस्तर पर कार्य कराने की मांग की है।







