डुमरांव (बक्सर)। नगर परिषद डुमरांव में विकास योजनाओं के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। वार्ड संख्या 12 में करीब तीन किलोमीटर लंबी पीसीसी सड़क के निर्माण में बरती गई गंभीर अनियमितताओं को लेकर अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार, कनीय अभियंता अंजनी कुमार और संबंधित सहायक अभियंता के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई नीलकांत धीरज द्वारा फरवरी 2026 में दर्ज कराए गए परिवाद पर हुई है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि नगर विकास एवं आवास विभाग के तय मानकों को ताक पर रखकर बिना किसी निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के ही विभागीय स्तर पर इस लंबी सड़क का निर्माण करा दिया गया। गुणवत्ता के मोर्चे पर भी भारी खामियां पाई गई हैं; निर्माण के कुछ ही समय भीतर सड़क पर बड़ी दरारें उभर आई हैं, जो घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की ओर इशारा करती हैं।
विवाद का सबसे गंभीर पहलू सुरक्षा मानकों की अनदेखी है। सड़क का निर्माण 1.32 लाख वोल्ट की हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन के ठीक नीचे और पोल के बीच से किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस लापरवाही से स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए हर समय जानलेवा खतरा बना रहता है। प्राधिकरण ने इसे सरकारी राशि का खुला दुरुपयोग और जनसुरक्षा से खिलवाड़ माना है। इस संबंध में वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे ने बताया कि मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है और उच्च स्तरीय निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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