शाहाबाद बुलेटिन (बक्सर): जिले में महिलाओं की सुरक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी पहल की है। उप विकास आयुक्त (DDC) निहारिका छवि और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) गौरव पांडेय ने सदर प्रखंड परिसर स्थित ‘वन स्टॉप सेंटर’ का संयुक्त औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए एक नई कार्ययोजना पर भी बल दिया।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने केंद्र की पंजियों और उपलब्ध सुविधाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यहाँ आने वाली महिलाओं की ‘स्किल मैपिंग’ की जाए, ताकि उनकी योग्यता के अनुसार उन्हें विभिन्न रोजगार प्रशिक्षण संस्थानों से जोड़ा जा सके। डीडीसी ने कहा कि महिलाओं को केवल तात्कालिक सहायता देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं एक पीड़िता की काउंसलिंग की और उसकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
एसडीपीओ गौरव पांडेय ने सुरक्षा और समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि महिलाओं के विरुद्ध हिंसा से जुड़ी सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने और जमीनी स्तर पर काउंसलिंग उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र में कुल 145 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें घरेलू हिंसा के 97, साइबर अपराध के 21 और दहेज प्रताड़ना के 7 मामलों समेत अन्य विवाद शामिल हैं। अधिकारियों ने शक्ति सदन का भी दौरा किया, जहाँ वर्तमान में 10 संवासिन रह रही हैं। वहां रह रही बालिकाओं से बातचीत कर उनकी स्थिति का हाल जाना गया। इस मौके पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला परियोजना प्रबंधक और केंद्र प्रशासक सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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